ये नाम सुनकर शादी कैंसिल कर देते है लोग 50 सालो से नहीं हुई कोई शादी।
शादी मनुष्य की जिंदगी का एक अहम हिस्सा है | शादी के बाद पुरुष और स्त्री दोनों की जिंदगी में बहुत से बदलाव आ जाते है | शादी करने से दम्पति की जिम्मेदारियां बहुत बढ़ जाती है | सामाजिक परिवेश से जुड़ा मनुष्य शादी अवश्य ही करता है | यह कहना गलत नहीं होगा कि मनुष्य जाति की वृद्धि की शुरुआत का पहला चरण शादी ही है |
लगभग हर लड़का शादी करना चाहता है और लगभग सभी की शादी हो भी जाती हो ,परंतु कुछ ऐसे भी बदनसीब होते हैं जिनकी चाह कर भी शादी नहीं हो पाती है | इसके पीछे कुछ भी कारण हो सकते हैं जैसे समाजिक, शारीरिक अथवा मानसिक कारण | परंतु इन सब कारणों के अलावा एक भी ऐसा विचित्र कारण है जिसकी वजह से भारत के एक गांव के किसी भी लड़कों की शादी नहीं हो रही है | वह विचित्र कारण है, हमारा भ्रष्ट सिस्टम| हम बात कर रहे है भारत के बिहार राज्य में स्थित एक छोटे से गांव बरवां कला के लड़को की |
बरवां कला गांव, बिहार की राजधानी पटना से लगभग 300 किलोमीटर दूर है| बरवां कला गांव के लड़के शादी तो करना चाहते हैं पर उनकी शादी हो ही नहीं रही है , क्योंकि कोई भी परिवार अपने घर की लड़की की शादी इस गांव के लड़कों से करना ही नहीं चाहता | स्थानीय लोगों के अनुसार इस गांव में मूलभूत सुविधा जैसे सड़क, पानी और बिजली इत्यादि का अभाव है , इसी वजह से कोई भी माता-पिता अपनी लड़की की शादी हमारे गांव के लड़कों से नहीं करते क्योंकि अगर वह अपनी बेटी की शादी हमारे गांव में किसी लड़के से करते हैं तो यहां उसको वह सुविधाएं नहीं मिलेंगी जो बाकी अन्य जगह में मिल सकती है |
गांव के लोगों के अनुसार गांव की हालत का जिम्मेदार भ्रष्ट सिस्टम है , सड़क की हालत ऐसी है की पैदल चलना मुश्किल है और पानी की हालत तो उससे भी बुरी है इस गांव में 12 हैंडपंप है लेकिन वह अक्सर खराब ही पड़े रहते हैं, पीने का पानी लाने के लिए गांव से 2 किलोमीटर दूर पैदल जाना पड़ता है| लोगों का यह भी कहना है कि यहां बिजली कभी कबार ही आती है | काफी सालों से गाव की हालत ऐसी ही है और और न जाने कितने सालों से इस गांव में किसी भी लड़के की शादी नहीं हुई है| गांव के युवाओ की शादी न होने के कारण इस गांव को कुँवारो का गांव नाम की संज्ञा दी गयी है |
हालांकि 2017 में गांव वालों की कड़ी मेहनत और दृढ़निश्चय के कारण गांव के ही एक युवा अजय यादव का विवाह संपन्न हुआ था ,मगर वह भी गांव के बाहर एक guest house से किया गया था| विवाह के लिए गांव वालों ने कड़ी मशक्कत की | उन्होंने पहाड़ों को काटकर ६ किलो मीटर लंबी सड़क का निर्माण किया था| पानी और बिजली का भी अस्थाई इंतज़ाम किया था तब जाकर शादी संपन्न हो सकी | लेकिन पिछले 40 से 45 सालों में इस गांव में हुई यह इकलौती शादी थी| क्योंकी इतने वर्षों में यह पहली शादी थी इसलिए इस शादी को त्यौहार की तरह मनाया जो बरसो बाद आया था| गांव वालों का कहना है कि इस शादी के लिए उन्होंने जितना परेशान उठाई है उतना गांव के हर लड़के की शादी के लिए करना असंभव है इसलिए वह चाहते हैं किस गांव की मूलभूत सुविधाएं कम से कम बाकी गांव की तरह हो जाए जिससे वह अपने बच्चों का विवाह कर सकें|
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Source: youtube