meta: मेटा पर तुर्किये की सख्ती! कंटेंट हटाने से इनकार करने पर लगा भारी जुर्माना
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- rohit singh
- April 5, 2025
- ट्रेडिंग तकनिकी/ टेक्नोलॉजी बिज़नेस/ व्यापर लेटेस्ट न्यूज़ विदेश
तुर्किये सरकार ने मेटा पर लगाया भारी जुर्माना
सरकार के आदेश की अवहेलना बनी वजह
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा पर तुर्किये सरकार ने बड़ा जुर्माना लगाया है। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई सरकार के कुछ कंटेंट ब्लॉक न करने के कारण की गई है। मेटा ने खुलासा किया कि तुर्किये सरकार ने कुछ पोस्ट हटाने का निर्देश दिया था, जिसे कंपनी ने मानने से इनकार कर दिया। हालाँकि, कंपनी ने जुर्माने की सटीक राशि का खुलासा नहीं किया, लेकिन इसे अत्यधिक बताया।
मेटा ने तुर्किये सरकार के अनुरोधों को किया खारिज
मेटा ने कहा कि उसने तुर्किये सरकार के उन अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया, जिनमें स्पष्ट रूप से सार्वजनिक हित में कंटेंट प्रतिबंधित करने की मांग की गई थी। कंपनी का मानना है कि ऐसी पाबंदियां लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकती हैं। मेटा ने आगे कहा कि सरकार की सोशल मीडिया को नियंत्रित करने की कोशिशें जनता की आवाज़ को दबाने जैसी हैं।
राष्ट्रपति एर्दोआन की रणनीति पर उठे सवाल
तुर्किये में हाल के वर्षों में सोशल मीडिया कंपनियों पर सरकार का नियंत्रण बढ़ता जा रहा है। इस्तांबुल के मेयर एक्रेम इमामोग्लू की गिरफ्तारी के बाद विरोध प्रदर्शनों में वृद्धि हुई, जिसके बाद से ही राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन की सरकार सोशल मीडिया पर विपक्षी आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है। वर्ष 2028 में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में इमामोग्लू, एर्दोआन को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। इसी कारण, सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर प्रतिबंधों को और कड़ा किया जा रहा है।
meta: मेटा पर तुर्किये की सख्ती! कंटेंट हटाने से इनकार करने पर लगा भारी जुर्माना
एक्स भी करेगा प्रतिबंधों का विरोध
एक्स (पूर्व में ट्विटर) ने भी तुर्किये सरकार के इन प्रतिबंधों का कड़ा विरोध करने का निर्णय लिया है। मीडिया एंड लॉ स्टडीज एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार, 19 मार्च को मेयर इमामोग्लू की गिरफ्तारी के दौरान एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया था।
सैकड़ों सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक किए गए
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 700 से अधिक निजी एक्स अकाउंट को प्रतिबंधित किया गया। इनमें पत्रकारों, मीडिया संस्थानों, छात्र समूहों और सामाजिक संगठनों के अकाउंट शामिल थे। सरकार का कहना है कि ये अकाउंट “राष्ट्रीय सुरक्षा” को खतरे में डाल सकते हैं। हालाँकि, आलोचकों का मानना है कि सरकार लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने की कोशिश कर रही है।
सोशल मीडिया पर सरकार की सख्ती जारी
तुर्किये में यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने सोशल मीडिया पर इतनी सख्ती दिखाई है। बीते वर्षों में भी सरकार ने कई बार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए सरकार अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठ रहे सवाल
तुर्किये सरकार के इस फैसले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है। कई देशों के मानवाधिकार संगठनों ने इसे “अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला” करार दिया है। अमेरिका और यूरोपीय संघ के कई नेताओं ने इस कदम की निंदा की है और इसे तुर्किये के लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है।
मेटा की आगे की रणनीति
मेटा ने स्पष्ट किया है कि वह तुर्किये सरकार के आदेशों के खिलाफ अपील करने की योजना बना रहा है। कंपनी का कहना है कि वह अपने उपयोगकर्ताओं की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उठाएगी।
तुर्किये सरकार द्वारा मेटा पर लगाया गया यह जुर्माना दर्शाता है कि सरकार सोशल मीडिया पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। हालाँकि, इस फैसले का व्यापक विरोध भी हो रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मेटा और अन्य सोशल मीडिया कंपनियाँ इस स्थिति से कैसे निपटती हैं और क्या यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा मुद्दा बन सकता है।
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