भारत को ऑस्ट्रेलिया में मिली दूसरी हार, WTC फाइनल की राह हुई मुश्किल
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) पर भारतीय टीम को 13 साल बाद टेस्ट मैच में हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 340 रन का लक्ष्य दिया था, लेकिन भारतीय टीम महज 155 रन पर सिमट गई। इस हार के साथ भारत की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को झटका लगा है। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने इस सीरीज में अब तक 1-2 से पिछड़ते हुए दूसरी हार दर्ज की है।
सिडनी टेस्ट होगा निर्णायक
डब्ल्यूटीसी फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को सिडनी में तीन जनवरी से होने वाला पांचवां और आखिरी टेस्ट हर हाल में जीतना होगा। ड्रॉ या हारने की स्थिति में भारत फाइनल की रेस से बाहर हो जाएगा। भारत की यह हार पिछले कुछ समय में उसके टेस्ट प्रदर्शन में गिरावट का संकेत देती है। मेलबर्न में टीम इंडिया की यह हार 2011 के बाद पहली है।
भारत के प्रदर्शन की समीक्षा
भारतीय टीम मौजूदा सीरीज में एकजुट होकर प्रदर्शन करने में नाकाम रही है। चारों टेस्ट मैचों में कुछ गिने-चुने खिलाड़ी ही बेहतर प्रदर्शन कर पाए।
- बल्लेबाजी में गिरावट:
टीम के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया। कोहली ने पहले मैच में शतक लगाया, लेकिन उसके बाद बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। वहीं, रोहित का पूरा साल खराब रहा है। युवा विकेटकीपर ऋषभ पंत भी इस बार खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए। वह लगातार खराब शॉट चयन के कारण आउट होते रहे। - गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह का अकेला प्रदर्शन:
भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह सीरीज में सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले खिलाड़ी रहे। उन्होंने हाल ही में 200 टेस्ट विकेट पूरे किए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से गेंदबाजों का भरपूर सहयोग नहीं मिला। मोहम्मद सिराज ने कुछ हद तक योगदान दिया, लेकिन अन्य गेंदबाज उस स्तर का प्रदर्शन नहीं कर पाए।
कप्तान रोहित की रणनीति पर सवा
रोहित शर्मा की कप्तानी इस सीरीज में बार-बार सवालों के घेरे में रही। उन्होंने ओवरकास्ट कंडीशंस में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन इसका फायदा नहीं उठा सके। साथ ही, दो स्पिनर्स – रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर – को खिलाने के बावजूद उनसे पर्याप्त गेंदबाजी नहीं कराई गई।
डब्ल्यूटीसी फाइनल के समीकरण
अब भारत की डब्ल्यूटीसी फाइनल में जगह बनाने की संभावनाएं अन्य टीमों के प्रदर्शन पर निर्भर हैं। अगर भारत सिडनी टेस्ट जीत जाता है, तो सीरीज 2-2 से ड्रॉ हो जाएगी और भारत की पीसीटी (प्वाइंट्स परसेंटेज) 55.26 रहेगी। वहीं, ऑस्ट्रेलिया को श्रीलंका के खिलाफ अपनी आगामी टेस्ट सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
समीकरणों का असर
- अगर भारत सिडनी में हारता है, तो वह सीधे फाइनल की दौड़ से बाहर हो जाएगा।
- ऑस्ट्रेलिया अगर श्रीलंका के खिलाफ एक टेस्ट हार जाता है, तो भारत की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
- श्रीलंका के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की हार और भारत की सिडनी में जीत, भारत को डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंचा सकती है।
आगे की चुनौती
टीम इंडिया को अपनी गलतियों से सबक लेते हुए सिडनी टेस्ट में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। साथ ही, बल्लेबाजी क्रम को स्थिरता और गेंदबाजी में गहराई लानी होगी। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो यह सीरीज भारत के लिए एक और असफलता का अध्याय बन जाएगी।
भारत को ऑस्ट्रेलिया में मिली दूसरी हार, WTC फाइनल की उम्मीदों को झटका
मेलबर्न टेस्ट में भारत की हार
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) पर खेले गए चौथे टेस्ट में भारत को 13 साल बाद हार का सामना करना पड़ा। 340 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम सिर्फ 155 रन पर ऑलआउट हो गई। भारतीय टीम को आज ही लक्ष्य मिला था, लेकिन वह तीन सत्र भी नहीं खेल सकी। इस हार के साथ भारतीय टीम पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 1-2 से पिछड़ गई है।
डब्ल्यूटीसी फाइनल की राह मुश्किल
इस हार के साथ भारत की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को करारा झटका लगा है। अब भारत को सिडनी में तीन जनवरी से होने वाले आखिरी टेस्ट को हर हाल में जीतना होगा। ड्रॉ या हारने की स्थिति में टीम इंडिया फाइनल की दौड़ से बाहर हो जाएगी।
मेलबर्न में 13 साल बाद हार
मेलबर्न में टीम इंडिया की यह हार 13 साल बाद हुई है। इससे पहले 2011 में भारतीय टीम को यहां हार मिली थी। पिछले एक दशक से अधिक समय तक एमसीजी का मैदान भारत के लिए अभेद किला बना हुआ था, लेकिन इस बार रोहित शर्मा की अगुआई वाली टीम इस सिलसिले को बरकरार नहीं रख सकी।
टीम इंडिया का प्रदर्शन और कमजोरियां
- बल्लेबाजी में गिरावट:
भारतीय बल्लेबाजी क्रम पूरी सीरीज में लड़खड़ाता नजर आया। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी बल्लेबाज उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। कोहली ने सीरीज की शुरुआत शतक के साथ की, लेकिन उसके बाद बड़ी पारी नहीं खेल सके। वहीं, रोहित शर्मा का खराब फॉर्म पूरी सीरीज में जारी रहा।
- पंत की मैच अवेयरनेस की कमी:
पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सफल रहे विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत इस बार अपने शॉट चयन को लेकर आलोचना का शिकार हुए। उनकी खराब बल्लेबाजी पर दिग्गज सुनील गावस्कर ने भी सवाल उठाए। - ये भी पढ़े:Bigg boss 18:बिग बॉस नॉमिनेशन टास्क बदलते रिश्ते और नई बेघर होने की लिस्ट
- गेंदबाजों का समर्थन न मिलना:
जसप्रीत बुमराह भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में अकेले दम पर प्रदर्शन करते रहे। सीरीज में 200 टेस्ट विकेट पूरे करने वाले बुमराह को दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिला। मोहम्मद सिराज ने मेलबर्न में प्रभावित किया, लेकिन अन्य गेंदबाजों का प्रदर्शन औसत रहा।
रोहित शर्मा की कप्तानी पर सवाल
कप्तान रोहित शर्मा की रणनीतियों पर भी सवाल उठे हैं। ओवरकास्ट कंडीशंस में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला हो या स्पिनर्स को कम ओवर देना, उनकी कप्तानी कई बार असफल नजर आई। मेलबर्न टेस्ट में रविंद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर को खिलाने के बावजूद उनसे पर्याप्त गेंदबाजी नहीं कराई गई।
डब्ल्यूटीसी फाइनल के समीकरण
अब भारत की फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें अन्य टीमों के प्रदर्शन पर निर्भर हैं। अगर भारत सिडनी टेस्ट जीतता है, तो सीरीज 2-2 से ड्रॉ हो जाएगी और भारत की पीसीटी (प्वाइंट्स परसेंटेज) 55.26 रहेगी।
- ऑस्ट्रेलिया बनाम श्रीलंका सीरीज:
ऑस्ट्रेलिया को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बाद श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेलने हैं। अगर श्रीलंका ने कंगारू टीम को हराया, तो ऑस्ट्रेलिया की पीसीटी कम हो सकती है। - भारत की चुनौती:
सिडनी में जीत ही भारत को फाइनल की दौड़ में बनाए रखेगी। ड्रॉ या हार का मतलब होगा कि टीम इंडिया फाइनल से बाहर हो जाएगी।
आगे की राह
भारतीय टीम को अपनी कमजोरियों पर काम करना होगा। बल्लेबाजी क्रम में स्थिरता लाने और गेंदबाजी में गहराई जोड़ने की जरूरत है। सिडनी में जीत हासिल करना ही अब भारत के लिए एकमात्र विकल्प है।